महेनद्र नाथ

महेनद्र नाथ

लेखक

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पहचान: प्रगतिशील कथाकार, फ़िल्मी संवाद लेखक और सामाजिक यथार्थवादी साहित्यकारमहेंद्र नाथ का जन्म 1923 में लाहौर में हुआ। उनके पिता पेशे से डॉक्टर थे। उन्होंने अपने बचपन और युवावस्था का बड़ा हिस्सा पुंछ और कश्मीर में बिताया। पंजाब विश्वविद्यालय से बी.ए. की डिग्री प्राप्त की, किंतु एम.ए. के दौरान सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों की ओर आकर्षित होकर औपचारिक शिक्षा छोड़ दी और समाजवादी आंदोलन से जुड़ गए। मेहनतकश वर्ग के अधिकार, सामाजिक न्याय और मानवीय समानता उनके वैचारिक जीवन के प्रमुख आधार रहे। वे प्रसिद्ध कथाकार कृष्ण चंदर के सगे भाई थे।उन्होंने 1940 में उर्दू में लेखन आरंभ किया और शीघ्र ही प्रगतिशील साहित्यिक आंदोलन के प्रमुख लेखकों में शामिल हो गए। वे प्रगतिशील लेखक संघ के सक्रिय सदस्य और बाद में उसके सचिव भी रहे। इसके अतिरिक्त उन्होंने यंग राइटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष तथा फ़िल्म राइटर्स एसोसिएशन के महासचिव के रूप में भी कार्य किया।महेंद्र नाथ उर्दू के प्रमुख कहानीकारों और उपन्यासकारों में गिने जाते हैं। उनकी रचनाओं में गरीबी, भूख, वर्गीय शोषण, मानवीय संबंध, यौन एवं मनोवैज्ञानिक समस्याएँ, राष्ट्रीय एकता और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों जैसे विषय प्रमुखता से उभरते हैं। उनकी कहानियों पर रूसी लेखक मैक्सिम गोर्की और फ्रांसीसी कथाकार ग़ी द मोपासां का प्रभाव भी देखा जा सकता है।उनकी प्रसिद्ध कहानियों में जहाँ मैं रहता हूँ, नया भिखारी, दो बैल, चाँदी के तारे, एक, दो, तीन, माई डार्लिंग होटल, जनूब का साथी, दो सहारे, फिर कोई नहीं आएगा, अगर मैं मर जाऊँ, गॉड ब्लेस यू, चाय की प्याली, डेढ़ रुपया और गाली शामिल हैं।उनके महत्वपूर्ण उपन्यासों में आदम और सिक्के, रात अंधेरी है, सूरज, रेत और गुनाह, प्यार का मौसम, अरमानों की सेज और लीडर उल्लेखनीय हैं। उनकी अनेक कहानियों का हिंदी, मराठी, गुजराती, तमिल, तेलुगु, पंजाबी, सिंधी और उड़िया सहित कई भाषाओं में अनुवाद हुआ, जबकि कुछ रचनाएँ रूसी और स्वीडिश भाषाओं में भी अनूदित हुईं।साहित्य के साथ-साथ उन्होंने फ़िल्म जगत में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और लगभग बीस फ़िल्मों के संवाद लिखे। नकली नवाब, बाग़ी शहज़ादा, गुस्ताख़ी माफ़ और उम्मीद जैसी फ़िल्में उनकी फ़िल्मी सेवाओं का हिस्सा हैं। फ़िल्म मंचली के संवाद और निर्देशन भी उन्होंने ही किए।निधन: महेंद्र नाथ का निधन 20 मार्च 1974 को हुआ।

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